Sunday, November 10, 2019

अनसुलझे रहस्य

मित्रो आज मैं जो आपसे कहने जा रहा हूँ
ये मेरे जीवन की एक विचित्र पहेली है।
जो आज तक मुझे कभी समझ मे नही आया
यदि आपको समझ मे आये तो कॉमेंट जरूर कीजियेगा,
मित्रों ये घटना 2001 की है वैसे मेरे जीवन मे दो तीन
घटना ऐसी घटी है जिसे मैं कभी भी भूल नही सकता
आगे कभी मैं इसका जिक्र करूँगा लेकिन जिस घटना
की मैं आपसे बात करने जा रहा हूँ ये उस समय की है जब मैं मैट्रिक की परीक्षा पास करके आगे की पढ़ाई के लिए कॉलेज में एडमिशन लिया था।वही कॉलेज में मेरी दोस्ती जितेंद्र नाम के लड़के से हो जाती है। सब कुछ ठीक ठाक चल रहा था कभी वो मेरे घर पे आता तो कभी कभी मैं भी उनके घर पे चला जाता था हम दोनों की दोस्ती के बजह से घरेलू सम्बन्ध भी अच्छी हो गई थी,एक दिन की बात है मेरे दोस्त ने मेरे मम्मी पापा को अपने यहाँ घूमने को बुला लिया मेरे पैरेंट्स ने भी कह दिया ठीक है आज शाम को हम लोग तुम्हारे यहाँ आएंगे शाम होते ही हमारे पेरेंट्स मित्र के यहाँ जाने के लिए तैयार हो गए और मुझे भी साथ मे जाने को कहा तैयार होकर मैं भी अपने पेरन्ट्स के साथ अपने मित्र के यहां चल दिया ।उनके यहां जाने के बाद औपचारिकता जो होती है उसने हम लोगो को चाय वगेरह दिया और फिर हमारे मित्र के पेरेंट्स के साथ गप सप में मेरे पेरेंट्स मसगुल हो गए ।और मैं भी पास में चेयर लगा के बैठा था और मैं जहा बैठा था वही पास में एक बड़ा सा आम का पेड़ भी था मैं बहुत ही शालीनता से शांति से अपने चेयर पे चुप चाप उनलोगों की बातों को सुन रहा था कि तभी मेरे साथ एक विचित्र घटना घटता है होता यूं है कि मेरे कान एक आवाज सुनाई पड़ता वो भी बहुत धीमी आवाज ऐसा लगा जैसे मेरे पास आ कर किसी ने कान में धीरे से मेरा नाम लेकर कहता है  सु म न बस इतना सुनते ही मेरे शरीर का रोम रोम डर से खड़ा हो जाता है और थोड़ा देर के लिए मेरा शरीर ठंडा पड़ जाता है फिर जस्ट इसी बीच एक ओर बात होता है कि एक साँप मेरे पैर पे से गुजर जाता है आप अंदाजा लगाए की मेरे ऊपर किया गुजरा होगा जैसे ही साँप मेरे पैर से क्रोस करता है मैं चिल्ला के उठता हु सभी का ध्यान मेरे ओर जाता है जब मैंने कहा कि सांप मेरे पैर से होके गुजरा है तभी उनलोगों ने टॉर्च जला के देखा तो तो सांप अपने गति से जा रहा है ।मित्रो ऐसा अक्सर किसी के साथ घटना घट जाता है लेकिन इससे भी बिचित्र बात ये है कि मेरे कान में किसी का फुसफुसा के बोलना ये बात आज तक मेरी समझ मे नही आया आखिर ऐसा कैसे हो सकता है।आखिर ये कैसा संजोग था उस घटना को जब आज भी याद करता हु तो मैं सहम जाता है मेरे समझ से परे है ।दोस्तो ये मेरे जीवन की ऐसी घटना है जिसे मैं कभी भूल नही सकता। मित्रो यदि आपको मेरी आपबीती कहानी अच्छी लगी हो तो कॉमेंट जरूर कीजियेगा।धन्यवाद

No comments:

Post a Comment